कोर्स की पूरी जानकारी
इस कोर्स में एयरलाइन की भर्ती प्रक्रिया की व्यवस्थित तैयारी भी शामिल है।
किन पदों के लिए ट्रेनिंगकेबिन क्रू और एविएशन कस्टमर-सर्विस के पद
एडमिशन12वीं; इंस्टीट्यूट और एयरलाइन की अतिरिक्त पात्रता शर्तें लागू
अनुमानित शुरुआती सैलरी₹35,000 से ₹45,000 प्रति माह, साथ में फ़्लाइंग अलाउंस। यहां दिए आंकड़े शुरुआती सैलरी का अनुमान हैं, पक्की कमाई नहीं। सैलरी भर्ती करने वाली कंपनी, काम की ज़िम्मेदारियों, जगह, शिफ़्ट और लागू अलाउंस पर निर्भर करती है। किसी भी बताई गई रेंज की अवधि और स्रोत IESP एडमिशन टीम से पूछकर पक्का कर लें।
कहाँ चलता हैनौ महीने, फुल टाइम, हफ़्ते में छह दिन, मुंबई और खालापुर में।
| योग्यता | 12वीं पास, कोई भी स्ट्रीम। साइंस या कॉमर्स होना ज़रूरी नहीं है। |
| उम्र | 18 से 28 साल |
| लंबाई, पुरुष | 5 फुट 7 इंच, 174 सेमी |
| लंबाई, महिला | 5 फुट 3 इंच, 162 सेमी |
| वज़न | लंबाई के अनुपात में, जहाँ एयरलाइन को इसकी ज़रूरत हो। |
| ग्रूमिंग | प्रोफेशनल ग्रूमिंग और खुद को पेश करने का तरीका। |
मॉड्यूल
- सेफ्टी और इमरजेंसी प्रोसीजर
- इन-फ्लाइट सर्विस
- फर्स्ट एड और मेडिकल रिस्पॉन्स
- ग्रूमिंग, यूनिफॉर्म और इमेज
- अनाउंसमेंट, भूगोल और प्रोडक्ट नॉलेज
- एयरलाइन इंटरव्यू की तैयारी
छात्र क्या पूछते हैं
भारत में केबिन क्रू के लिए कितनी लंबाई चाहिए?
इस कोर्स में एडमिशन के लिए हम पुरुषों से 5 फुट 7 इंच, यानी 174 सेमी लंबाई माँगते हैं। महिलाओं के लिए यह 5 फुट 3 इंच, यानी 162 सेमी है। जहाँ एयरलाइन को ज़रूरत हो, वहाँ वज़न लंबाई के हिसाब से होना चाहिए। इसके बाद एयरलाइन इंटरव्यू में अपनी जाँच करती है, जिसमें पंजों के बल खड़े होकर लगभग 212 सेमी तक हाथ पहुँचाने का टेस्ट भी होता है। यह रीच टेस्ट सुरक्षा का नियम है, क्योंकि क्रू का सीटों के ऊपर रखे इमरजेंसी इक्विपमेंट तक हाथ पहुँचना ज़रूरी है।
क्या 12वीं के बाद केबिन क्रू बना जा सकता है?
हाँ। किसी भी स्ट्रीम में 12वीं पास होना ज़रूरी है, साइंस या कॉमर्स पढ़ा होना ज़रूरी नहीं है। इस कोर्स में हम 18 से 28 साल के छात्रों को लेते हैं। अगर आप इस साल 12वीं की परीक्षा दे रहे हैं, तो अभी काउंसलिंग शुरू कर सकते हैं और रिज़ल्ट आने के बाद एडमिशन ले सकते हैं।
क्या प्लेसमेंट की गारंटी है?
नहीं। कोर्स में एडमिशन का मतलब नौकरी के ऑफर की गारंटी नहीं है। चुने हुए कोर्स में कौन सा सहयोग मिलता है, यह एडमिशन टीम समझा सकती है।
मेरी इंग्लिश ज़्यादा अच्छी नहीं है। क्या फिर भी मुझे अप्लाई करना चाहिए?
आइए, हमसे बात कीजिए। हर एयरलाइन इंटरव्यू में इंग्लिश परखी जाती है, इसलिए हम इसे एक पूरे विषय की तरह पढ़ाते हैं। पहली मुलाक़ात में हम आपको ईमानदारी से बताएँगे कि आप ज़रूरी स्टैंडर्ड से कितना दूर हैं। यह भी बताएँगे कि उस तक पहुँचने में कितना समय लगेगा।
अगर किसी भी एयरलाइन में मेरा सिलेक्शन नहीं हुआ तो?
आपका नाम हमारी एक्टिव सूची में बना रहता है, अगली कैंपस ड्राइव के लिए आपको बुलाया जाता है, और आप इंटरव्यू की तैयारी वाला मॉड्यूल दोबारा कर सकते हैं। आप एयरपोर्ट ग्राउंड हैंडलिंग, कार्गो या रैम्प की नौकरियों की ओर भी जा सकते हैं। इनमें कहीं ज़्यादा भर्ती होती है और शर्तें भी अलग हैं।














